नाम- विनोद सरोज
पद-
विधायक
(जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी), बाबागंज, उत्तरप्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71187718
परिचय
विनोद सरोज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले की बाबागंज विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक हैं। यह विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से राज्य की महत्वपूर्ण सीटों में गिना जाता है। विनोद सरोज ने 2022
के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।
राज्य
की राजनीति जहाँ बड़े राष्ट्रीय दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है,
वहीं एक क्षेत्रीय दल के उम्मीदवार के रूप में उनकी जीत को स्थानीय सामाजिक समर्थन, जमीनी राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों से जोड़कर देखा गया। वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य (MLA)
हैं।

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
विनोद
सरोज का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उनके बचपन, पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में सीमित रूप में उपलब्ध है। वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, जो बाबागंज जैसे आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण सामाजिक आधार माना जाता है।
शिक्षा
से संबंधित विवरण मुख्यतः चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामों तक सीमित हैं। सार्वजनिक मंचों पर उन्होंने अपने निजी जीवन को अपेक्षाकृत कम उजागर किया है,
जिसके कारण शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं पाई गई। 
राजनीतिक करियर की शुरुआत
विनोद
सरोज का राजनीतिक सफर स्थानीय स्तर पर सामाजिक और जनसरोकारों से जुड़ाव के साथ शुरू हुआ। उनका नाम लंबे समय तक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले स्थानीय कार्यकर्ताओं में लिया जाता रहा।
उनकी
पहचान विशेष रूप से उन मुद्दों से जुड़ी रही है,
जिनमें सामाजिक न्याय,
प्रतिनिधित्व, और प्रशासनिक उपेक्षा जैसे विषय शामिल रहे। समय के साथ वे जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़े, जो सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की राजनीति पर केंद्रित एक क्षेत्रीय दल है। उनका राजनीतिक उभार मुख्य रूप से संगठनात्मक राजनीति और स्थानीय समर्थन के माध्यम से देखा गया, न कि किसी बड़े प्रशासनिक या मंत्री पद से।

2022 विधानसभा चुनाव: निर्णायक मोड़
2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव विनोद सरोज के राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। बाबागंज विधानसभा सीट पर उन्होंने सत्तारूढ़ और प्रमुख विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को पराजित कर जीत दर्ज की।
राजनीतिक
विश्लेषकों के अनुसार, इस जीत के पीछे कई कारक प्रभावी रहे:
क्षेत्र
में मजबूत स्थानीय सामाजिक आधार
बड़े
दलों के प्रति स्थानीय असंतोष
एक
“स्थानीय चेहरे” के रूप में पहचान
जातीय
और सामाजिक समीकरण
यह
जीत केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी गई,
क्योंकि सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी ने एक रणनीतिक सीट पर सफलता हासिल की।
वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
विनोद
सरोज वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधान सभा (18वीं विधानसभा) के सदस्य हैं और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
एक
विधायक के रूप में उनकी प्रमुख ज़िम्मेदारियाँ हैं:
बाबागंज
क्षेत्र की जनसमस्याओं को विधानसभा में उठाना
सड़क,
बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर प्रशासन से संवाद
राज्य
सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर निगरानी
जनता
और प्रशासन के बीच समन्वय की भूमिका निभाना
वे
किसी कैबिनेट या राज्यमंत्री पद पर नहीं हैं। एक छोटे क्षेत्रीय दल के विधायक होने के कारण उनकी भूमिका अक्सर मुद्दा-आधारित और क्षेत्र-केंद्रित राजनीति तक सीमित देखी जाती है।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
विनोद
सरोज के विधायक बनने के बाद बाबागंज क्षेत्र में विकास को लेकर कई दावे और गतिविधियाँ सामने आई हैं, जिनका उल्लेख स्थानीय मीडिया और जनसभाओं में मिलता है।
प्रमुख विकास से जुड़े मुद्दे
ग्रामीण
सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों की मांग
पेयजल,
हैंडपंप और जल-निकासी से जुड़ी समस्याओं पर प्रशासनिक पत्राचार
गरीब
और अनुसूचित जाति परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास
उनकी
ओर से यह दावा किया गया है कि आवास,
पेंशन, राशन, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आलोचनाएँ, विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
विनोद
सरोज के नाम से जुड़ा कोई बड़ा राष्ट्रीय-स्तर का विवाद या गंभीर आपराधिक आरोप विश्वसनीय मीडिया स्रोतों में दर्ज नहीं पाया गया है। हालाँकि, स्थानीय स्तर पर विपक्षी दलों द्वारा यह आलोचनाएँ सामने आती रही हैं कि:
विकास
कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे, एक छोटे दल के विधायक होने के कारण प्रशासन पर प्रभाव सीमित है.
इन आलोचनाओं पर उनके समर्थकों का कहना है कि सीमित राजनीतिक ताकत के बावजूद वे क्षेत्र की आवाज़ को लगातार उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
विनोद सरोज का राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश की उस राजनीति का प्रतिनिधित्व करता है,
जहाँ क्षेत्रीय दल और स्थानीय नेता बड़े दलों के बीच भी अपनी जगह बना सकते हैं। बाबागंज जैसी सामाजिक रूप से संवेदनशील और आरक्षित सीट से उनका प्रतिनिधित्व सामाजिक न्याय, स्थानीय पहचान और जमीनी राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी राजनीति की प्रमुख विशेषताएँ रही हैं: स्थानीय सामाजिक आधार, जमीनी जनसंपर्क, मुद्दा-केंद्रित विधायी भूमिका
आने
वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे विधानसभा के भीतर अपनी सक्रियता,
विकास कार्यों की ठोस प्रगति,
और स्थानीय जनता के विश्वास को किस हद तक मज़बूत कर पाते हैं। अंततः बाबागंज की जनता के लिए उनका कार्यकाल इन्हीं कसौटियों पर आँका जाएगा।
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