नाम-
सुनील दत्त द्विवेदी
पद-
विधायक(भाजपा), फ़र्रुख़ाबाद विधानसभा
नवप्रर्वतक कोड- 71189392

परिचय
मेजर
सुनील दत्त द्विवेदी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे फ़र्रुख़ाबाद विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं। राजनीति में आने से पहले वे लंबे समय तक पत्रकारिता और राजनीतिक विश्लेषण से जुड़े रहे, जिसके कारण उनकी पहचान एक वैचारिक और स्पष्ट वक्ता के रूप में बनी।
फ़र्रुख़ाबाद जैसे ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में उनका प्रतिनिधित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैचारिक राजनीति, राष्ट्रवाद और सार्वजनिक बहसों में सक्रिय भागीदारी से भी जुड़ा रहा है।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
मेजर
सुनील दत्त द्विवेदी का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। वे एक शिक्षित मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहाँ अध्ययन, लेखन और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श को महत्व दिया जाता था।
उनकी औपचारिक शिक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सीमित है,
लेकिन यह स्पष्ट है कि वे प्रारंभ से ही समसामयिक राजनीति, इतिहास और राष्ट्रीय मुद्दों में गहरी रुचि रखते थे।
युवावस्था
के दौरान उनका झुकाव विचार और तर्क आधारित विमर्श की ओर रहा, जिसने आगे चलकर उन्हें पत्रकारिता और राजनीतिक टिप्पणीकारिता की ओर प्रेरित किया।

पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन
राजनीति
में आने से पहले मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की पहचान एक पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में रही। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लेखन, टीवी डिबेट और राजनीतिक टिप्पणियों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई।
पत्रकारिता
के दौर में वे सत्ता, विपक्ष और नीति-निर्माण की प्रक्रिया को नज़दीक से देखने वाले व्यक्तियों में शामिल रहे। इस अनुभव ने उन्हें शासन, राजनीति और लोकतंत्र की व्यावहारिक समझ दी। उनकी लेखनी और वक्तव्यों में वैचारिक स्पष्टता और आक्रामक तर्क देखने को मिलता था,
जो आगे चलकर उनकी राजनीतिक शैली का आधार बना।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
मेजर
सुनील दत्त द्विवेदी ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। पत्रकारिता की पृष्ठभूमि के कारण पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा गया, जो पार्टी की विचारधारा को मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकता है।
राजनीति
में प्रवेश के बाद वे भाजपा के वैचारिक और प्रवक्ता स्वरूप से जुड़े रहे। धीरे-धीरे उनकी पहचान केवल मीडिया चेहरा भर न रहकर एक चुनावी नेता के रूप में भी बनने लगी।

विधानसभा चुनाव और राजनीतिक उभार
2017 विधानसभा चुनाव
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें फ़र्रुख़ाबाद विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
यह जीत उस समय प्रदेश में भाजपा की व्यापक लहर और संगठनात्मक मजबूती का हिस्सा मानी गई।
2022 विधानसभा चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव में भी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने फ़र्रुख़ाबाद सीट से दोबारा जीत दर्ज की। लगातार दूसरी बार विधायक चुने जाने को उनके समर्थक क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ और पहचान का संकेत मानते हैं। उनके चुनावी अभियान में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएँ, राष्ट्रवाद, कानून-व्यवस्था और विकास को प्रमुख मुद्दों के रूप में प्रस्तुत किया गया।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
वर्तमान
में मेजर सुनील दत्त द्विवेदी उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य (MLA) हैं। विधायक के रूप में उनकी प्रमुख ज़िम्मेदारियाँ निम्नलिखित हैं:
फ़र्रुख़ाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
विधानसभा
में क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर भागीदारी
स्थानीय
प्रशासन के साथ समन्वय
जनता
की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुँचाना
वे
अन्य कई विधायकों की तुलना में मीडिया में अधिक सक्रिय रहते हैं, जिससे उनकी राजनीतिक छवि एक मुखर जनप्रतिनिधि की बनी है।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
एक
विधायक के रूप में मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने फ़र्रुख़ाबाद से जुड़े कई मुद्दों को उठाने का दावा किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और उनके बयानों के अनुसार प्रमुख विषय रहे हैं:
बुनियादी ढांचा: सड़क, बिजली और नगर सुविधाओं से जुड़े मुद्दे
सरकारी योजनाएँ: केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने पर ज़ोर
जनसुनवाई: जनता की शिकायतों को सुनने के लिए सार्वजनिक संवाद
सांस्कृतिक पहचान: फ़र्रुख़ाबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कार्यक्रम
हालाँकि,
विकास कार्यों के असर को लेकर क्षेत्र में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलती हैं। समर्थक उन्हें सक्रिय और मुखर बताते हैं, जबकि आलोचक अपेक्षाकृत अधिक ठोस परिणामों की आवश्यकता की बात करते हैं।

आलोचनाएँ, विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
मेजर
सुनील दत्त द्विवेदी कई बार अपने बयानों और सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे हैं। विपक्ष और आलोचक उनके वक्तव्यों को उग्र या विभाजनकारी बताते रहे हैं।
वहीं,
उनके समर्थकों और पार्टी पक्ष का कहना है कि वे वैचारिक राजनीति करते हैं और उनके बयान संदर्भ से अलग करके पेश किए जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनकी मुखर शैली उन्हें भाजपा के एक स्पष्ट वैचारिक चेहरे के रूप में स्थापित करती है,
लेकिन यही शैली आलोचना का कारण भी बनती है।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
मेजर
सुनील दत्त द्विवेदी का राजनीतिक सफ़र पत्रकारिता और वैचारिक बहसों से निकलकर विधानसभा तक पहुँचा है। वे उन नेताओं में शामिल हैं जिनकी राजनीति केवल क्षेत्रीय विकास तक सीमित न होकर विचारधारा और सार्वजनिक विमर्श से भी जुड़ी है।
फ़र्रुख़ाबाद जैसे क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे मुखर और वैचारिक राजनीति के साथ-साथ ज़मीनी विकास और प्रशासनिक परिणामों को किस हद तक संतुलित कर पाते हैं। आने वाले वर्षों में उनकी भूमिका भाजपा की वैचारिक राजनीति और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व—दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
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