नाम-
सौरभ
सिंह
पद-
विधायक(भाजपा),
कस्ता(खीरी), उत्तरप्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189432

परिचय
सौरभ सिंह, जिन्हें आमतौर पर सौरभ सिंह सोनू के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ युवा नेता हैं और कस्ता विधानसभा क्षेत्र (लखीमपुर-खीरी, उत्तर प्रदेश) से निर्वाचित विधायक हैं। वे वर्तमान में 18वीं विधान सभा, उत्तर प्रदेश के सदस्य हैं और अपने क्षेत्र के सामाजिक विकास, शासन एवं संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
सौरभ
सिंह का जन्म 10 नवंबर 1985 को उत्तर प्रदेश के चुरैपुरवा गाँव
में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद स्नातोत्तर स्तर की पढ़ाई पूरी की है,
जो उनके चुनावी घोषणा पत्र व सार्वजनिक अभिलेखों में दर्ज है।
उनके परिवार में पिता जुगल किशोर हैं और उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि ग्रामीण है। उनकी पत्नी का नाम खुशबू सिंह है, जो व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। सौरभ सिंह सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी के रूप में काम कर चुके हैं और राजनीति में आने से पहले स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
सौरभ
सिंह की राजनीतिक यात्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शुरू हुई। उन्होंने 2017
में पहली बार कस्ता विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और महत्वपूर्ण मतों के अंतर से जीत हासिल की,
जिससे वे विधायक (MLA) बने।
उसके
बाद उन्होंने अपनी पार्टी की नीतियों तथा क्षेत्रीय सामाजिक मुद्दों को अपने मंच पर प्रमुख रखा। 2022
के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को पराजित कर दोबारा विधायक निर्वाचित हुए।
उनकी जीत युवा नेतृत्व, स्थानीय जुड़ाव और भाजपा की राज्य-स्तरीय रणनीति का परिणाम मानी गई। उनके समर्थकों के अनुसार, उन्होंने अपने राजनीतिक सफ़र में स्थानीय जनता के विश्वास को मजबूत किया है, विशेषकर युवाओं और किसानों के बीच। विश्लेषण करते हुए यह कहा जा सकता है कि उनके जनसमर्थन का आधार क्षेत्रीय सामाजिक संपर्क और पार्टी संगठन क्षमता पर टिका है।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
वर्तमान
में सौरभ सिंह कस्ता विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित विधायक हैं और उत्तर प्रदेश विधान सभा में जनता की आवाज़ को प्रतिनिधित्व दे रहे हैं। इस स्थिति में उनकी मुख्य ज़िम्मेदारियाँ हैं:
विधानसभा
सत्रों में अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाना और संसदेय चर्चा में भाग लेना।
क्षेत्र
में सरकारी योजनाओं का मार्गदर्शन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
स्थानीय
संरचनात्मक विकास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना।
जनता
से नियमित संवाद कर स्थानीय आवागमन व सुविधाओं की स्थिति पर सरकार को अवगत कराना।
वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई मौकों पर मुलाक़ात कर चुके हैं और मितौली-मैगलगंज क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा देने, तथा औरंगाबाद को ब्लॉक बनाने जैसे प्रस्ताव प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से रख चुके हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिले।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
सौरभ
सिंह ने अपने कार्यकाल में कई विकास पहलों और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी की है:
दिव्यांगों को उपकरण वितरण
उन्होंने
मितौली ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में 52 दिव्यांगजनों को ट्राई-साइकिल और सहायक उपकरण वितरित किए, और प्रदेश सरकार की कल्याण योजनाओं की जानकारी दी।
हर घर तिरंगा अभियान
कस्ता
विधानसभा क्षेत्र में हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक तिरंगा यात्रा निकाली, जिससे राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा मिला।
प्राथमिक समस्याएँ उठाना
उन्होंने स्थानीय मंडी समिति की खराब सड़कों, नगर पंचायत दर्जा, ब्लॉक बनाने जैसे मुद्दों को मुख्यमंत्री व प्रशासन के समक्ष उठाया और उनके समाधान का आश्वासन लिया।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
सौरभ
सिंह की राजनीतिक यात्रा युवा नेतृत्व, संगठन क्षमता और स्थानीय सामाजिक जुड़ाव की मिसाल है। कस्ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में उन्होंने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, भौतिक विकास पहलों और प्रशासनिक सुझावों पर कार्य किया है। उनकी सरकार के साथ बैठकों ने यह दर्शाया कि वह स्थानीय प्राथमिकताओं को उपराष्ट्रवादी व राज्य-स्तरीय मंचों तक पहुंचाने के लिए प्रयासशील हैं।
जहां
उनके कार्यों का स्थानीय स्तर पर सकारात्मक स्वागत हुआ है,
वहीं व्यापक सरकारी डेटा के अभाव में उनके विकास कार्यों का पूर्ण प्रभावांकन सीमित है। आगामी चुनाव और अगले कार्यकाल में यह देखा जाना महत्वपूर्ण है कि वे दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं।
tag on profile.





