नाम-
कीरत
सिंह
पद-
विधायक (भाजपा),
गंगोह(सहारनपुर),उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189388

परिचय
कीरत सिंह गुर्जर उत्तर प्रदेश के गंगोह निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं और वर्तमान में 18वीं विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधि हैं और अपने विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी मतदाताओं दोनों के बीच सियासी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। गुर्जर समुदाय से आने वाले कीरत सिंह ने स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

प्रारंभिक जीवन एवं पृष्ठभूमि
कीरत सिंह गुर्जर का जन्म 1 मार्च 1967 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक हिंदू गुर्जर परिवार में हुआ था। वे अपने पैतृक गाँव गंगोह मजबटा (सहारनपुर) में पले-बढ़े। उनके पिता का नाम श्री ममचंद है।
शिक्षा की दृष्टि से, उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की, जो उन्होंने मानव भारती यूनिवर्सिटी, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से प्राप्त की। इस शैक्षिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक मुद्दों और नीति चर्चाओं में भाग लेने का आधार दिया। उनके व्यक्तित्व में ग्रामीण राजनीति और सामाजिक सेवा की भावना बचपन से ही देखी जाती थी, जहाँ वे स्थानीय समुदायों के बीच सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
कीरत सिंह ने राजनीतिक मंच पर सक्रिय रूप से भारतीय जनता पार्टी के साथ 2019
के उपचुनाव के दौरान प्रवेश किया, जब गंगोह विधानसभा सीट बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के लोकसभा चुनाव में चुने जाने के बाद रिक्त हुई। उन्होंने उस उपचुनाव में पार्टी का टिकट प्राप्त किया और सफलतापूर्वक विधायक के रूप में निर्वाचित हुए।
इसके पश्चात् वे 2022
में हुए उत्त्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में फिर से BJP
के उम्मीदवार के रूप में खड़े हुए और उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को निर्णायक वोट अंतर से हराया। इस जीत ने उन्हें 18वीं विधान सभा का सदस्य बनाया।
गंगोह विधानसभा क्षेत्र मूल रूप से 2008
के परिसीमन के बाद नए रूप में अस्तित्व में आया। 2012
में पहली बार विधानसभा का चुनाव हुआ जिसमें कांग्रेस के प्रदीप चौधरी विजयी रहे, जबकि 2017
में वही बीजेपी के टिकट पर जीते। 2019
में उपचुनाव के बाद कीरत सिंह की राजनीतिक पहचान मजबूत हुई।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
कीरत सिंह गुर्जर 18वीं उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य हैं और गंगोह निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके वर्तमान कार्यकाल की शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी।
एक विधायक के रूप में उनकी ज़िम्मेदारियाँ हैं:
विधानसभा सत्रों में भाग लेकर क्षेत्रीय मुद्दों को उठाना।
सरकार की नीतियों और बजटीय आवंटनों पर चर्चा करना।
जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना।
स्थानीय स्तर पर विकास परियोजनाओं की निगरानी करना।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
कीरत सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान गंगोह विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से जुड़े कई पहलुओं पर काम किया है। उनके विकास कार्यों में शामिल हैं:
सड़क
और
बुनियादी ढांचा
–
ग्राम सांगाठेड़ा में आरसीसी सड़कों और नाली निर्माण का उद्घाटन किया गया, जिसका श्रेय उन्होंने अपने विधायक निधि कार्यक्रम से जोड़ा। उन्होंने स्थानीय लोगों का स्वागत व विकास योजनाओं को जारी रखने का संदेश दिया।
स्वास्थ्य सेवाएँ
–
गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ओपीडी सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार का अवलोकन किया। स्थानीय नागरिक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को उजागर किया।
विधानसभा मुद्दे उठाना
–
विधानसभा में किसान-समुदाय और ग्रामीण संपर्क मार्गों के मुद्दों को नियम 301
के तहत उठाया गया, जिसमें पुल निर्माण, कच्चे मार्गों के पक्का निर्माण और स्थानीय प्रभावित इलाकों की समस्याएँ सामने रखी गईं।
इन परियोजनाओं और जागरूकताओं के द्वारा कीरत सिंह ने क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दिया है और जनता के मुद्दों को विधायिकी मंच पर प्रतिबद्धता के साथ उठाया है।

आलोचनाएँ, विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
2025
में एक विवाद के दौरान, गंगोह विधायक कीरत सिंह पर कुछ स्थानीय समूहों ने आरोप लगाए थे। जांच के पश्चात स्थानीय समिति ने उन्हें क्लीन चिट दी और कहा कि आरोप बिना ठोस सबूत के साजिश का हिस्सा थे। कुछ प्रदर्शन और धरने भी हुए, लेकिन मामले को निष्पक्ष समिति के निर्णय से समाप्त किया गया। इस निर्णय के बाद पार्टी और समर्थकों ने इसे समाप्त प्रकरण बताया और आगे विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
कीरत सिंह गुर्जर गंगोह विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय विधायक हैं, जिन्होंने अपना राजनीतिक सफर 2019
के उपचुनाव से BJP
के प्रतिनिधि के रूप में शुरू किया। उन्होंने ग्रामीण विकास, सड़क-पथ निर्माण, स्वास्थ्य सेवा निरीक्षण और विधानसभा में स्थानीय मुद्दों को उठाने जैसे कार्याें से अपने क्षेत्र की छवि को सशक्त किया है।
समस्याओं और विवादों का सामना करते हुए भी उन्होंने विधायिकी मंच पर समुदाय के मुद्दों को प्राथमिकता दी है। भविष्य में उनके कार्यों की दिशा स्थानीय विकास परियोजनाओं, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जन भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित रहने की संभावना है।
tag on profile.





