नाम- आशा मौर्या
पद-
विधायक(भाजपा),महमूदाबाद(सीतापुर), उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71187837

श्रीमती आशा मौर्या: महमूदाबाद की पहली महिला विधायक और विकासवादी नेता
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब क्षेत्रीय नेतृत्व की बात होती है,
तो कुछ ऐसे नाम उभरकर सामने आते हैं जिन्होंने अपनी पहचान सिर्फ राजनीतिक जीत से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, काम के प्रति प्रतिबद्धता और क्षेत्रीय विकास में भूमिका से बनाई है। महमूदाबाद विधानसभा क्षेत्र के लिए यह भूमिका आज श्रीमती आशा मौर्या निभा रही हैं —
एक ऐसी नेत्री जिन्होंने इतिहास रचा है और स्थानीय राजनीति में महिलाओं के नेतृत्व का नया मानदंड स्थापित किया है।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
श्रीमती आशा मौर्या का जन्म और प्रारंभिक जीवन उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश में ही हुआ। हालांकि उनकी प्रारंभिक शिक्षा और पारिवारिक जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में उपलब्ध नहीं है,
लेकिन यह तथ्य स्पष्ट है कि उन्होंने सामाजिक कार्यों, समुदाय के साथ संवाद और राजनीति की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा स्थानीय अनुभवों से ही ली। भाजपा ने उन्हें 2017
में अपनी प्रत्याशी बनाया, जो बाद में उनके नेतृत्व और क्षेत्रीय लोकप्रियता की दिशा में पहला बड़ा मोड़ साबित हुआ।
राजनीति में प्रवेश और भाजपा के साथ जुड़ाव
श्रीमती आशा मौर्या ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़कर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे एवं विकास केंद्रित नीतियों ने उन्हें प्रेरित किया और जनता से जुड़ने के लिए मंच प्रदान किया। भाजपा के साथ जुड़कर उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर काम किया, जनता की समस्याओं से संलग्न रहीं और धीरे-धीरे स्थानीय नेतृत्व के रूप में पहचान बनाने लगीं।
विधानसभा चुनाव 2022 में ऐतिहासिक जीत
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव महमूदाबाद के लिए ऐतिहासिक रहे। इस निर्वाचन के पहले तक इस सीट पर महिलाएं विधायक नहीं बनी थीं। 2022 में श्रीमती आशा मौर्या भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरीं और उन्होंने लगातार छह बार विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह वर्मा को 5689 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। यह न सिर्फ एक चुनावी जीत थी, बल्कि महमूदाबाद विधानसभा इतिहास में पहली महिला विधायक का उभरना भी था। इस जीत ने स्पष्ट कर दिया कि मतदाताओं का भरोसा केवल बड़े नामों पर नहीं, बल्कि काम, संवाद और सेवा-भावना पर भी आधारित हो सकता है।
महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ और विकास कार्य
🔹 1. शिक्षा और कौशल विकास
आशा मौर्या ने शिक्षा को स्थानीय विकास का मूल आधार माना है। महमूदाबाद में शिक्षा के क्षेत्र में खास प्रयास किए गए हैं, जिनमें कॉलेज स्तर पर लैपटॉप और स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम प्रमुख रहा, जिससे छात्रों को तकनीकी सहायता मुहैया हुई और शिक्षा को सशक्त बनाया गया। उन्होंने जिले में शिक्षा को “हब” बनाने की दिशा में काम किया और स्थानीय कॉलेजों व संस्थानों के विकास पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा-ओरिएंटेड सोच का परिणाम है कि युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
🔹 2. स्थानीय बुनियादी संरचना
महमूदाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांवों में सड़कों के निर्माण, बिजली आपूर्ति तथा कृषि-संबंधी सुविधाओं पर विधायक की प्राथमिकता रही है। ग्रामीण संपर्क मार्गों का सुधार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।
🔹 3. सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता
विधायिका केवल विकास योजनाओं तक ही सीमित नहीं रहीं; उन्होंने महमूदाबाद के धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। उदाहरण के तौर पर बजरंबली मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में उनके साथ अन्य समाजसेवी व स्थानीय नेताओं की उपस्थिति ने साझा सामुदायिक भावना को बढ़ाया।
🔹 4. प्रशासन के साथ सख्त रवैया
विधायिका आशा मौर्या स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अवैध कब्जों और नियम-उल्लंघन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाती रही हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने संगत नामक जमीन पर अवैध निर्माण को रोका और मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की,
जिससे यह संदेश गया कि कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक अनुशासन उनके एजेंडे का हिस्सा है।
जनसंपर्क और जनता के साथ संवाद
आशा मौर्या जनता के साथ आवाज़-से-आवाज संवाद में विश्वास रखती हैं। उन्होंने नियमित रूप से जनसुनवाई शिविर, क्षेत्रीय बैठकों और स्थानीय समुदाय के कार्यक्रमों में भाग लिया है,
ताकि स्थानीय समस्याओं को सीधे सुन सकें और उनका समाधान तलाश सकें। महमूदाबाद की जनता के प्रति उनकी सक्रियता ने जनविश्वास को मजबूत किया है।
चुनौतियाँ और विपक्षी प्रतिक्रिया
हर नेता के कार्यकाल में आलोचना और चुनौती का सामना करना पड़ता है। महमूदाबाद में भी कभी-कभार विधायक की उपस्थिति व संवाद को लेकर नाराजगी उठी, लेकिन आशा मौर्या ने इसे सकारात्मक चर्चा के अवसर के रूप में लिया और जनता से संवाद जारी रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के हालिया चुनाव में भाजपा को चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसमें भाजपा प्रत्याशी पिछड़ गया, यह महमूदाबाद के राजनीतिक परिदृश्य के बदलते रुझानों को दर्शाता है।
समावेशी नेतृत्व और सामाजिक प्रतिबद्धता
आशा मौर्या ने अपने नेतृत्व में सामाजिक समरसता पर जोर दिया है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, कुपोषण उन्मूलन, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दों को उठाया है। उनके अनुसार स्थानीय नेतृत्व को जनता के साथ जमीनी स्तर पर चलना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करना चाहिए।

राजनीतिक दृष्टि और भविष्य का एजेंडा
विधायिका का मानना है कि महमूदाबाद का भविष्य शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक न्याय में निहित है। उन्होंने अपने भाषणों में कहा है कि महमूदाबाद “शिक्षा का हब” बन सकता है,
बशर्ते हर युवा को अवसर मिले और शिक्षा-प्रणाली में सुधार किया जाए।
भविष्य के लिए उनका एजेंडा इस क्षेत्र में:
रोजगार सृजन और कौशल प्रशिक्षण,
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार,
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण,
कृषि सुधार और पानी-सिंचाई प्रणालियों का उन्नयन,
और स्थानीय उद्योगों के विकास पर केंद्रित है।

निष्कर्ष
श्रीमती आशा मौर्या महमूदाबाद विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला विधायक हैं जिन्होंने सिर्फ एक राजनीतिक पद नहीं बल्कि जनता के विश्वास और सेवा का प्रतीक बनी हैं। उन्होंने ऐतिहासिक जीत के साथ यह संदेश दिया कि नेता का मूल्यांकन केवल नाम या अनुभव से नहीं, बल्कि जनता के काम पर किया जाता है।
उनका नेतृत्व महमूदाबाद के लिए सकारात्मक बदलाव, स्थानीय विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में केन्द्रित है। आने वाले वर्षों में जनता की अपेक्षा यह है कि वे न केवल विकास योजनाओं को लागू करें, बल्कि महमूदाबाद के हर नागरिक को अपनी आवाज़ महसूस कराएं —
और यह तभी संभव होगा जब स्थानीय नेतृत्व जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे।
tag on profile.





